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राजस्थान के मेले और त्यौहार - Rajasthan Gk Mock Test

राजस्थान के मेले और त्यौहार - Rajasthan Gk Mock Test

Question of

"Good Try! You Nailed It!"
You Got out of answers correct!
That's

"लोगों के सवाल ?"
मुहर्रम क्यों मनाया जाता है बताइए?

मुहर्रम, इस्लाम का पहला महीना है और इसे इस्लामी कैलेंडर के नए साल का आगाज़ माना जाता है। इसका आयोजन बकरीद के 20 दिनों के बाद होता है।

गुरु गोविंद सिंह का जन्म स्थल कहाँ है?

गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म 22 दिसम्बर 1666 को पटना में हुआ था। उनके पिता, श्री गुरु तेग बहादुर जी, उनके जन्म के समय असम में धर्म उपदेश के लिए गए थे। गुरु गोविंद सिंह जी का बचपनी नाम गोविंद राय था।

गुरु गोविन्द सिंह जी की किन्हीं तीन रचनाओं के नाम लिखिए.

गुरु गोविंद सिंह जी की कुछ महत्वपूर्ण रचनाएं:

रूद्र अवतार: इस रचना में गुरु गोविंद सिंह जी ने दत्तात्रेय और पारसनाथ के अवतारों पर केंद्रित कृति का वर्णन किया है।
जफरनामा: गुरु गोविंद सिंह ने मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ 'जफरनामा' लिखा, जिसका अर्थ है 'विजय पत्र'। यह दसम ग्रंथ का एक हिस्सा है और इसकी भाषा फारसी है। इसमें भारत के गौरवमयी इतिहास के दो प्रमुख पत्र शामिल हैं।

राजस्थान का मुख्य त्यौहार कौन सा है?

राजस्थान का प्रमुख त्योहार है "गणगौर"। गणगौर का अर्थ होता है गण और गौर, जिसका तात्पर्य है शिव और पार्वती, या शिव के गण व पार्वती से है। यह त्योहार चैत्र मास के पहले दिन से चैत्र सुदी चार तक मनाया जाता है। गणगौर एक परंपरागत राजस्थानी त्योहार है जो समृद्धि, सौभाग्य, और पतिव्रता की भावना को साझा करता है। इस अवसर पर, स्त्रीजन विशेष रूप से गौरी माता की पूजा करती हैं और समृद्धि की कामना करती हैं।

ईसाई धर्म में क्रिसमस त्योहार मनाने के पीछे क्या कहानी है?

क्रिसमस ईसाई धर्म का प्रमुख त्योहार है जिसमें ईसा मसीह का जन्म मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे को गिफ्ट देते हैं और खासकर क्रिसमस ट्री को सजाते हैं। यह एक उत्साही, खुशी और मित्रभावपूर्ण माहौल में मनाया जाता है, जिससे एक भीड़ एक साथ आती है। इस दिन के माध्यम से लोग एक दूसरे के साथ अपना समय बिताते हैं और एक दूसरे के साथ प्रेम और समर्थन का अहसास करते हैं। इससे दिखता है कि खुशी, सजगता, और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का सिर्फ एक ही भाषा है, जो सभी धर्मों को एक साथ मिलकर मनाने का संकेत है।

महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म कहाँ और कब हुआ था? उनका क्या योगदान है?

महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 में गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र, जिला राजकोट, में हुआ था। उनके पिता का नाम करशनजी लालजी तिवारी और माँ का नाम अमृता बाई (अम्बा बाई) था। उनके पिता एक कर-कलेक्टर थे और वे ब्राह्मण कुल के समृद्ध और प्रभावशाली व्यक्ति थे। महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने जीवन में ब्राह्मणिक प्रथाओं, मूर्तिपूजा, और श्रुतियों के प्रति आपत्ति का सख्त समर्थन किया। उनका मुख्य योगदान 'सत्यार्थ प्रकाश' और 'वेद भाष्य' जैसी ग्रंथों के माध्यम से आया, जिनमें उन्होंने वेदों की महत्वपूर्णता को स्थापित किया और आत्मनिर्भरता, समाजिक न्याय, और शिक्षा के प्रति अपने विचार प्रस्तुत किए। उनके विचारों ने आर्य समाज की उत्थान में एक महत्वपूर्ण योगदान किया।

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