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"भारत और मिश्र की सेना के बीच दूसरा संयुक्त अभ्यास साइक्लोन - 2: जानें विवरण"

भारत और मिश्र की सेना के बीच दूसरा संयुक्त अभ्यास साइक्लोन - 2

भारतीय थल सेना की 25 सैनिकों वाली टुकड़ी ने 'साइक्लोन' नामक युद्धाभ्यास के दूसरे संस्करण में भाग लिया है। यह अभ्यास 22 जनवरी से 1 फरवरी 2024 तक चलेगा और पहला संस्करण पिछले साल भारत में हुआ था।

🤺 समर्थनी दल: 
  • भारतीय दल में पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) के सैनिक शामिल हैं, जबकि 25 कर्मियों वाले मिस्री दल का प्रतिनिधित्व मिस्र के कमांडो स्क्वाड्रन और मिस्र के एयरबोर्न प्लाटून द्वारा किया जा रहा है।
संयुक्त अभ्यास साइक्लोन - 2,current affairs in hindi


उद्देश्य:
  • संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अध्याय VII के तहत रेगिस्तानी/अर्ध रेगिस्तानी इलाकों में विशेष अभियानों की पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं से परिचित करना।
  • यह सैन्य अभ्यास 'साइक्लोन' भारत और मिस्र के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने, रिहर्सल और संवाद के माध्यम से दोनों थल सेनाओं के बीच समर्थ रिश्तों को मजबूती प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रतियोगिता परीक्षाओ से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदु 

1 . युद्धभ्यास की दिनांक:

  • भारत और मिश्र की सेना के बीच दूसरा संयुक्त अभ्यास साइक्लोन -2 " 22 जनवरी से 1 फरवरी 2024" तक चलेगा। 

2. साइक्लोन -2  अभ्यास का स्थान: 

  • भारत और मिश्र की सेना के बीच दूसरा संयुक्त अभ्यास साइक्लोन -2 मिस्र में आयोजित किया गया। साइक्लोन-1 युद्धभ्यास भारत के अंदर 14 जनवरी, 2023 में राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित किया गया था। 

3. मुख्य उद्देश्य: 

  • इसका लक्ष्य है दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना। 
  • इसके तहत रेगिस्तानी इलाके में विशेष बलों के आपसी तालमेल, संचालन और पेशेवराना कौशल को एक-दूसरे से साझा करना। 
  • सैन्याभ्यास में आतंकवाद विरोधी, टोह लगाना, धावा बोलना और अन्य विशेष अभियानों को भी शामिल किया गया है।

साइक्लोन-2 सैन्य अभ्यास की अवधि क्या है?
भारत और मिस्र के बीच साइक्लोन-2 संयुक्त सैन्य अभ्यास की योजना 22 जनवरी से 1 फरवरी, 2024 तक है।
साइक्लोन-2 अभ्यास कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
साइक्लोन-2 अभ्यास मिस्र में आयोजित किया जा रहा है, भारत और मिस्र के बीच सहयोग को स्थापित करने के लिए। साइक्लोन-1, पिछले संस्करण, 14 जनवरी, 2023 को भारत के जैसलमेर, राजस्थान में आयोजित किया गया था।
साइक्लोन-2 अभ्यास के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
  • रेगिस्तानी/अर्ध रेगिस्तानी इलाकों में विशेष अभियानों की पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं से परिचित कराना
  • इस युद्धाभ्यास को द्विपक्षीय सैन्य सहयोग विकसित करने और दोनों थल सेनाओं के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए सामरिक सैन्य युद्धाभ्यासों के रिहर्सल और दोनों सेनाओं के बीच चर्चा के माध्यम से डिज़ाइन किया गया है।
  • भारत और मिस्र से कौन-कौन सी इकाइयाँ अभ्यास में भाग लेंगी?
    भारतीय दल से, पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) के सैनिक भाग लेंगे। मिस्री दल में, मिस्री कमांडो स्क्वाड्रन और एयरबोर्न प्लाटून के सदस्य शामिल होंगे।
    साइक्लोन-2 भारत-मिस्र सैन्य संबंधों में कैसे सहायक होगा?
    साइक्लोन-2 का उद्देश्य भारत और मिस्र के बीच रणनीतिक साझेदारी और सैन्य संबंधों को मजबूत करना है। यह दोनों देशों के बीच रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्रों में विशेष बलों के बीच समन्वय को बढ़ावा देता है, साथ ही आतंकवाद, घातक हमले, घातक आक्रमण और अन्य विशेष आपरेशनों को भी समायोजित करने की क्षमता को विकसित करता है।